याद है |
माँ! तेरी वो
दुआ याद है
याद है वो
बाहो मे लेना
याद है वो
रोते को हसाना
माँ! तेरी वो
दुआ याद है
याद है वो अपने हाथो
से खिलाना
याद है वो
सोती हुए के बालो को
सहलाना
याद है वो
दर्द का दर्द खुद पर
ले जाना
माँ! तेरी वो
दुआ याद है
बचपन मे वो घुटने का
छीलना
बारिश मे वो मेरा भीगना
हर बीमारी मे मुझे देखना
और रोना
माँ! तेरी वो
दुआ याद है
मेरे लिए वो दुनिया से
लड़ना
लडखडाते हुए हाथो को
थामना
मेरे भले के हर वो तेरी
कामना
माँ! तेरी वो
दुआ याद है
मेरी टूटी हुई हिम्मत
बंधांना
मुझे रिश्ते के समझ दिलाना
मुझे सूरज के रौशनी के
चमक दिखाना
माँ! तेरी वो सब दुआ
याद है|

