मेरे हाथ मे पेंट और ब्रश देख कर, मेरा चश्मा नाक के नीचे
आते देख कर मेरे पास आ कर मेरा चश्मा वापिस चढ़ा कर बोला, " अब
ठीक है?"
मैं हसीं और कहा की
"अब ठीक है".
उसके साथ की पक्की शख्शियत दिखी थी मुझे ....
येह नही पता था की आँखों पर चश्मा नही बस पर्दा डालने लगा है.