मेरे हाथ मे पेंट और ब्रश देख कर, मेरा चश्मा नाक के नीचे
आते देख कर मेरे पास आ कर मेरा चश्मा वापिस चढ़ा कर बोला, " अब
ठीक है?"
मैं हसीं और कहा की
"अब ठीक है".
उसके साथ की पक्की शख्शियत दिखी थी मुझे ....
येह नही पता था की आँखों पर चश्मा नही बस पर्दा डालने लगा है.
2 comments:
Bahut Khoob...
"Writing is an exploration. You start from nothing and learn as you go."
E. L. Doctorow
Awesome and nice lines mam..
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